अध्याय 148 वह ब्रेसलेट जिसका कभी सपना देखा गया था

"नहीं, मैं नहीं चाहती।"

ये शब्द सुनते ही शार्लट सहज ही सिमट गई और उसने जेम्स की गर्दन को और कसकर पकड़ लिया।

और कोई विकल्प न होने पर जेम्स ने हल्की-सी आह भरी और शार्लट को गोद में उठाए हुए विला के अंदर बढ़ गया।

रास्ते में कई नौकरों ने ये दृश्य देख लिया।

लेकिन जेम्स ने बस एक नज़र उनकी तरफ डाली, तो...

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